
नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 78वें सेना दिवस के अवसर पर भारतीय सेना के जांबाज जवानों को भावपूर्ण नमन किया और देश की रक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की सराहना की। गुरुवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिक निस्वार्थ सेवा और अदम्य साहस के प्रतीक हैं, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ मातृभूमि की सुरक्षा में डटे रहते हैं।
श्री मोदी ने अपने संदेश में लिखा, “सेना दिवस पर हम भारतीय सेना के साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं। हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं, जो सबसे चुनौतीपूर्ण हालात में भी देश की रक्षा करते हैं।” उन्होंने इस अवसर पर ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि राष्ट्र उन शहीदों का सदा ऋणी रहेगा, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सेना की कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन पूरे देश में विश्वास, गर्व और कृतज्ञता की भावना पैदा करता है। सेना न केवल सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाती है, जो उसकी मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि हर वर्ष 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 1949 में फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा ने भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार संभाला था। इस ऐतिहासिक अवसर की स्मृति में देशभर में परेड, माल्यार्पण समारोह और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें सेना की वीरता, परंपरा और बलिदान को सम्मान दिया जाता है।
सेना दिवस भारतीय लोकतंत्र की उस मजबूत ढाल का प्रतीक है, जो सीमाओं पर चौबीसों घंटे सजग रहती है। प्रधानमंत्री के संदेश ने एक बार फिर देशवासियों के मन में सेना के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को प्रगाढ़ किया है।






