नयी दिल्ली: इस वर्ष 26 जनवरी को आयोजित होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस परेड में 6,000 से अधिक सैन्यकर्मी भाग लेंगे, जिनमें भैरव बटालियन और शक्तिबान रेजिमेंट पहली बार शामिल होंगी। दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दिल्ली क्षेत्र के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार चौथी बार परेड का नेतृत्व करेंगे। इस बार लद्दाख स्काउट्स, पतंग, जांस्कर टट्टू और बैक्ट्रियन ऊंट भी पहली बार परेड में भाग लेंगे, जिससे यह परेड अपने आप में अनूठी और दर्शनीय होगी।
परेड की पूर्वाभ्यास शुक्रवार को कर्तव्य पथ पर पूरी rigor के साथ संपन्न हुआ, जिसके लिए मध्य दिल्ली की कुछ सड़कों को बंद किया गया। इस वर्ष परेड में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 17 झांकियों के साथ-साथ 13 मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झांकियां भी शामिल होंगी, कुल मिलाकर 30 झांकियों का भव्य प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
रक्षा मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में दो प्रमुख थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ पर आधारित झांकियों का प्रदर्शन होगा। ये झांकियां राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्षों के इतिहास और भारत की सांस्कृतिक विविधता, साथ ही देश में बढ़ती आत्मनिर्भरता और तीव्र प्रगति का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करेंगी।
इस वर्ष डीआरडीओ भी अपनी तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन करेगा। लंबी दूरी की शिप-रोधी हाइपरसोनिक मिसाइल (LR-ASHM) और लड़ाकू पनडुब्बियों के लिए विकसित नौसेना प्रौद्योगिकी पर आधारित झांकियों के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा में भारत की प्रगति दिखाई जाएगी।
भारतीय वायु सेना इस परेड के सभी औपचारिक कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। भव्य झांकियों, नए रेजिमेंट्स और तकनीकी प्रदर्शन के साथ यह गणतंत्र दिवस परेड भारत की सैन्य क्षमता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रदर्शन साबित होगी।







