नयी दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया AI Impact Summit 2026’ का पहला दिन भारी भीड़, कुप्रबंधन और सुरक्षा संबंधी विवादों के कारण चर्चा में आ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए इस वैश्विक आयोजन में हजारों स्टार्टअप संस्थापक, तकनीकी विशेषज्ञ, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि और बड़ी टेक कंपनियों के अधिकारी शामिल हुए, लेकिन शुरुआत से ही प्रतिभागियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा।
समिट में शामिल स्टार्टअप फाउंडर्स और एग्जिबिटर्स ने आरोप लगाया कि प्रवेश और सुरक्षा प्रबंधन में स्पष्ट दिशा-निर्देशों की कमी के कारण उन्हें घंटों तक बाहर इंतजार करना पड़ा। कई प्रतिभागियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा कारणों से उन्हें अपने स्टॉल खाली करने को कहा गया, लेकिन बाद में वापस लौटने पर उनके कुछ उपकरण और वियरेबल डिवाइस गायब पाए गए। नियो सेपियन के को-फाउंडर धनंजय यादव ने दावा किया कि हाई-सिक्योरिटी जोन के अंदर से उनके स्टार्टअप के डिवाइस चोरी हो गए, जिससे उन्हें आर्थिक और तकनीकी नुकसान हुआ।
इसके अलावा, कई उद्यमियों ने खराब Wi-Fi, कमजोर मोबाइल नेटवर्क, लंबी कतारों और रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी समस्याओं की भी शिकायत की। कुछ प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि वीआईपी मेहमानों को प्राथमिकता दी गई, जबकि स्टार्टअप फाउंडर्स और एग्जिबिटर्स को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिससे आयोजन की व्यवस्था पर सवाल उठे।
हालांकि, आयोजकों ने इन समस्याओं को स्वीकार करते हुए भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में बेहतर समन्वय और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। 20 फरवरी तक चलने वाले इस समिट में 600 से अधिक स्टार्टअप, 300 से ज्यादा प्रदर्शनी पवेलियन और 13 देशों की भागीदारी शामिल है। आयोजकों का कहना है कि शुरुआती चुनौतियों के बावजूद यह आयोजन वैश्विक AI सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।







