मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत में चीतों की आबादी बढ़कर 38 हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी देते हुए इसे ‘प्रोजेक्ट चीता’ की ऐतिहासिक सफलता बताया।
मंत्री ने कहा कि गामिनी दूसरी बार मां बनी है और यह भारत में चीतों का नौवां सफल प्रजनन है। इसके साथ ही देश में जन्मे जीवित शावकों की कुल संख्या 27 हो गई है, जो इस महत्वाकांक्षी संरक्षण कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय कूनो के वन अधिकारियों, वैज्ञानिकों और फील्ड स्टाफ की कड़ी मेहनत और समर्पण को दिया, जो लगातार चीतों की निगरानी और देखभाल कर रहे हैं।
भारत में चीतों को 1952 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था। इसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2022 में ‘प्रोजेक्ट चीता’ की शुरुआत की गई। इस परियोजना के तहत पहले चरण में नामीबिया से 8 चीते और बाद में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए थे, जिनमें गामिनी भी शामिल थी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भारत में चीतों की आत्मनिर्भर और स्थायी आबादी स्थापित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे सफल प्रजनन से न केवल जैव विविधता को मजबूती मिलेगी, बल्कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान वैश्विक स्तर पर चीता संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। साथ ही, इससे क्षेत्र में ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। यह उपलब्धि भारत के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।







