
नयी दिल्ली: मुंबई में नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक ने भारत-फ्रांस संबंधों को नई दिशा देने का संकेत दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मुंबई पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। यह उनका चौथा भारत दौरा है और पहली बार वह मुंबई पहुंचे हैं, जिससे इस शहर की रणनीतिक और आर्थिक महत्ता भी स्पष्ट होती है।
इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद करीब एक दर्जन समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे। खास तौर पर हाल ही में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद रक्षा सहयोग पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसे भारत की सैन्य क्षमता बढ़ाने और दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा, दोनों नेताओं ने मुंबई में ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष’ का संयुक्त उद्घाटन करने की भी योजना बनाई है। यह पहल तकनीकी सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रचनात्मक साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन गेटवे ऑफ इंडिया पर किया जाएगा, जो दोनों देशों के ऐतिहासिक और आधुनिक संबंधों का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मैक्रों के दौरे को द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर बताया, जबकि मैक्रों ने भी भारत के साथ सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। इस बैठक को वैश्विक स्तर पर भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के विस्तार और भविष्य की मजबूत साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।






