नयी दिल्ली: भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए 20 फरवरी का दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण महत्व रखता है। इसी दिन वर्ष 1987 में अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों राज्यों के नागरिकों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की कामना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में अरुणाचल प्रदेश को ‘उगते सूरज की भूमि’ बताते हुए कहा कि यह राज्य अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और मेहनती नागरिकों के कारण देश की पहचान को मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि यहां की सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति के साथ सामंजस्य भारत की समृद्ध विरासत का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि अरुणाचल प्रदेश आने वाले समय में विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा।
वहीं, मिजोरम के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, मजबूत सामुदायिक भावना और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिजोरम के लोग अपनी करुणा, सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए जाने जाते हैं, जो पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य भविष्य में और अधिक विकास और उपलब्धियां हासिल करेगा।
अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम पूर्वोत्तर के आठ राज्यों, जिन्हें ‘अष्टलक्ष्मी’ कहा जाता है, का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति में अहम भूमिका निभाते हैं। हाल के वर्षों में इन राज्यों ने बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटन और जैविक खेती के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों राज्य देश की एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।







