
नयी दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके से सामने आया यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। 16 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब एक जटिल आपराधिक जांच में बदल चुकी है। शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना गया था, लेकिन मृतका की मां द्वारा लगाए गए नए आरोपों के बाद केस ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है।
पुलिस के अनुसार, किशोरी का विवाह 3 जुलाई को उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी 22 वर्षीय युवक से दोनों परिवारों की मौजूदगी में कराया गया था। दोनों परिवार दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। हालांकि, उम्र कम होने के कारण यह विवाह कानूनन भी जांच के दायरे में है। इससे पहले 29 अक्टूबर को किशोरी को गंभीर हालत में दिल्ली के मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां से गीता कॉलोनी थाना को एक मेडिको-लीगल केस (MLC) की सूचना दी गई थी। उस समय रिपोर्ट में तेजाब पीने का जिक्र था, लेकिन किसी तरह की मारपीट या जबरदस्ती का उल्लेख नहीं था।
तत्कालीन बयान में किशोरी और उसकी मां ने डॉक्टरों व पुलिस को बताया था कि पति से झगड़े के बाद लड़की ने खुद ही तेजाब पी लिया। इसी आधार पर उस समय आगे की कार्रवाई सीमित रही। लेकिन 23 जनवरी को मामला पूरी तरह पलट गया, जब मां ने थाने में नई शिकायत दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया गया कि पति ने किशोरी का यौन उत्पीड़न किया और 29 अक्टूबर को उसे जबरन तेजाब पिलाया गया।
इन विरोधाभासी बयानों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। चूंकि घटना के समय किशोरी नाबालिग थी, इसलिए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 (बलात्कार), 351(2) (आपराधिक धमकी) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों, मेडिकल रिपोर्ट्स और बयानों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा, बाल विवाह और घरेलू अपराधों को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।






