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मुर्मु ने दिल्ली की महिलाओं के लिए चार कल्याणकारी योजना शुरू की

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Murmu launches four welfare schemes for women in Delhi

नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली की महिलाओं के लिए चार कल्याणकारी पहल शुरू की जिनमें ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’, होली और दिवाली पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना, ‘सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड’ और लाभार्थियों को 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा का सीधा बैंक ट्रांसफर शामिल है।

राष्ट्रपति ने यहां ‘सशक्त नारी, समृद्ध दिल्ली’ नाम के एक विशेष कार्यक्रम में इन योजनाओं की शुरुआत की है।

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केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली सरकार की ओर से राजधानी की महिला निवासियों के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) की शुरुआत की गयी है। पिंक कार्ड दिल्ली निवासी महिलाओं को डीटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान करेगा। इसके साथ ही मेट्रो, रीजनल रेपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में एक ही स्मार्ट कार्ड के माध्यम से सशुल्क सुविधा देगा।

यह पहल सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, सुरक्षित और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं के दैनिक यात्रा खर्च में कमी आएगी और उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य तथा सामाजिक अवसरों तक सुगम पहुंच मिलेगी। पिंक कार्ड यह एक टच-फ्री और सुरक्षित स्मार्ट कार्ड होगा। इससे हर यात्रा का सही डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। नकद लेन-देन कम होगा और आय का हिसाब-किताब अधिक साफ और पारदर्शी रहेगा। यात्रा के आंकड़ों की मदद से बस रूट तय करने, बसों की संख्या सही करने और बेहतर फैसले लेने में आसानी होगी। यही कार्ड पिंक पेपर टिकट की जगह लेगा, जिससे पूरी व्यवस्था ज्यादा आसान और आधुनिक बन जाएगी।

श्रीमती गुप्ता ने बताया कि बदलते समय और उच्च शिक्षा की बढ़ती लागत को देखते हुए बालिकाओं के लिए प्रभावी और भविष्योन्मुखी योजना बनाने की आवश्यकता थी। इसी सोच के साथ लाडली योजना को विस्तारित और सुदृढ़ रूप में ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ के रूप में पुनर्गठित किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व संरचना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र बालिका के नाम पर संस्थागत जन्म होने पर 11,000 रुपये और घरेलू जन्म होने पर 10,000 रुपये जमा किए जाते थे। इसके अतिरिक्त कक्षा एक, छह और नौवीं में प्रवेश, कक्षा दसवीं उत्तीर्ण करने तथा कक्षा बारह में प्रवेश जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक पड़ावों पर 5,000 रुपये की राशि जमा की जाती थी। यह संचित राशि ब्याज सहित 18 वर्ष की आयु में निकाली जा सकती थी।

उन्होंने कहा कि नयी योजना में सहायता की राशि और दृष्टिकोण दोनों को व्यापक रूप से बढ़ाया गया है। अब बालिका के नाम पर विभिन्न चरणों में कुल 56,000 रुपये जमा किए जाएंगे और ब्याज सहित 21 वर्ष की आयु तक यह परिपक्वता मूल्य 1 लाख रुपये से अधिक होने की उम्मीद है।’दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो तथा जो पिछले तीन वर्षों से दिल्ली में रह रहे हों। बालिका का जन्म दिल्ली में होना अनिवार्य है। पंजीकरण जन्म के एक वर्ष के भीतर या निर्धारित शैक्षणिक पड़ावों पर कराया जा सकता है। यह लाभ प्रति परिवार दो जीवित बालिकाओं तक सीमित रहेगा।

कार्यक्रम में दिल्ली लाडली योजना के तहत 40,642 पात्र लाभार्थियों को 100.25 करोड़ रुपये की डिजिटल राशि डीबीटी की गयी जो काफी समय से अपनी परिपक्वता राशि प्राप्त नहीं कर पाए थे। यह राशि ‘मेरी पूंजी मेरा अधिकार’ के तहत प्रदान की गयी। वर्ष 2008 में शुरू की गई दिल्ली लाडली योजना का उद्देश्य बालिका के जन्म और शिक्षा को प्रोत्साहित करना और शिक्षा के महत्वपूर्ण पड़ावों पर संरचित वित्तीय सहायता के माध्यम से लैंगिक असमानताओं को दूर करना था। परिपक्वता राशि, अर्जित ब्याज सहित, डीबीटी माध्यम से सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर की गयी, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और लाभार्थियों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित हुयी।

राष्ट्रपति ने दिल्ली में सभी राशन कार्ड रखने वाले परिवारों को हर साल दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने के लिए एक नयी कल्याणकारी पहल भी शुरू की। यह फायदा हर साल होली और दिवाली के मौके पर भी दिया जाएगा। इस योजना के तहत वित्तीय मदद डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के ज़रिए सीधे लाभार्थी को हस्तांतरित की जाएगी।

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