नयी दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत के एविएशन सेक्टर पर साफ दिखाई देने लगा है। Ministry of Civil Aviation (MoCA) ने चेतावनी दी है कि ईरान-इज़राइल संघर्ष के कारण 444 भारतीय उड़ानें रद्द हो सकती हैं। इससे पहले 28 फरवरी को ही 410 फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं, जिससे हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई हैं। यह स्थिति Iran, Israel और United States के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के कारण बनी है, जिसके चलते पश्चिम एशिया के कई अहम एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।
एयरस्पेस बंद होने से एयरलाइंस को अपने पारंपरिक रूट बदलने या उड़ानों को पूरी तरह रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे समय, ईंधन और ऑपरेशन लागत में भारी वृद्धि हो रही है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए Directorate General of Civil Aviation (DGCA) एयरलाइंस के साथ लगातार समन्वय कर रहा है, ताकि सभी फैसले सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।
देश के प्रमुख एयरपोर्ट हाई अलर्ट पर हैं। अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो डायवर्टेड फ्लाइट्स, भीड़ प्रबंधन और यात्रियों की सहायता सुनिश्चित कर रहे हैं। MoCA का पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम और AirSewa प्लेटफॉर्म यात्रियों की शिकायतों और सवालों का रियल-टाइम समाधान कर रहे हैं। केवल 28 फरवरी को ही 216 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 105 का तुरंत निपटारा किया गया।
इस बीच, Saudi Arabia में फंसे भारतीय यात्रियों की मदद के लिए भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया है। Air India, Air India Express, IndiGo और Akasa Air ने भी यात्रियों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति जरूर जांच लें, क्योंकि स्थिति तेजी से बदल रही है।







