
मणिपुर: मणिपुर की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नवगठित सरकार ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद प्रशासनिक सक्रियता दिखाते हुए पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की। मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लगभग एक घंटे के भीतर बुधवार रात मुख्यमंत्री आवास पर यह बैठक हुई, जिसमें राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और नवनियुक्त मंत्री शामिल हुए।
बैठक में मुख्य सचिव डॉ. पुनीत कुमार गोयल, उपमुख्यमंत्री एल. दीखो, तथा मंत्री गोविंदास कोंथोजम और के. लोकेन सिंह उपस्थित रहे। एक सरकारी बयान में कहा गया कि नई सरकार ने कार्यभार संभालते ही राज्य की विकास योजनाओं, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और मौजूदा हालात की समीक्षा शुरू कर दी है। इसे सरकार की तत्परता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
इसी बीच, लोक भवन से जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने भारतीय जनता पार्टी को बिना शर्त समर्थन दिया है। नेशनल पीपुल्स पार्टी के छह विधायक, नगा पीपुल्स फ्रंट के पांच विधायक, जनता दल-यूनाइटेड का एक विधायक और दो निर्दलीय विधायकों ने भाजपा को समर्थन पत्र सौंपा है। इस समर्थन के साथ विधानसभा में सरकार को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हो गया है।
राज्य में आगे की राजनीतिक प्रक्रिया को गति देते हुए मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 12वीं विधानसभा का सातवां सत्र आहूत कर दिया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, यह सत्र गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को अपराह्न चार बजे आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल ने यह सत्र भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बुलाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार का तेज़ी से कार्यभार संभालना और व्यापक राजनीतिक समर्थन मिलना राज्य में स्थिरता और विकास के लिए सकारात्मक संकेत है। आने वाले दिनों में सरकार की नीतियों और फैसलों पर सबकी नजर रहेगी।






