मुंबई: मुंबई पुलिस ने अवैध तंबाकू व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो पान दुकानदारों के खिलाफ ‘महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम’ (मकोका) के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के सहयोग से कस्तूरबा मार्ग थाने के नेतृत्व में यह कार्रवाई 16 जुलाई को बोरीवली पूर्व के देवीपाड़ा और एम.जी. मार्ग इलाकों में की गयी थी। अभियान के दौरान, अधिकारियों ने ‘चौरसिया पान बीड़ी दुकान’ और ‘चामुंडा पान दुकान’ पर छापेमारी की और लगभग 9,428 रुपये मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा और सुगंधित तंबाकू उत्पादों का स्टॉक जब्त किया।
यह जब्ती हालांकि अपने आप में मामूली लगती है, लेकिन मकोका लगाने का फैसला एक बड़े नीतिगत बदलाव का संकेत देता है। पारंपरिक रूप से, अवैध गुटखा बिक्री से खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत निपटा जाता था। राज्य के संगठित अपराध विरोधी कानून को लागू करके, पुलिस का लक्ष्य अब केवल सड़क स्तर के खुदरा विक्रेताओं को दंडित करने के बजाय आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करना है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “ हमारा उद्देश्य केवल छोटे विक्रेताओं को पकड़ना नहीं है, बल्कि उन सरगनाओं तक पहुंचना है जो इस वितरण नेटवर्क को संचालित करते हैं। मकोका का उपयोग करके, हम इसे एक संगठित आपराधिक कारोबार मान रहे हैं।”
छापेमारी के दौरान, ‘चामुंडा पान दुकान’ का मालिक अजय सुखदेव सिंह भागने में सफल रहा। पुलिस ने हालांकि घटनास्थल से उसका मोबाइल फोन और पहचान से जुड़े दस्तावेज बरामद किये हैं, जिनका उपयोग अब उसके आपराधिक संपर्कों और आपूर्ति स्रोतों का पता लगाने के लिए किया जा रहा है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त के आदेश के बाद, अवैध गतिविधियों को दोबारा शुरू होने से रोकने के लिए दोनों दुकानों को सील कर दिया गया है। दूसरा आरोपी राजेंद्र चौरसिया फिलहाल पुलिस हिरासत में है।







