नयी दिल्ली: उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने हाल ही में पद्म श्री से सम्मानित 71 वर्षीय वैज्ञानिक डॉ. शुभा वी. अयंगर की सराहना करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की, जो तेजी से वायरल हो रही है। डॉ. शुभा ने ऐसी अत्याधुनिक तकनीक के विकास में अहम भूमिका निभाई है, जिससे भारतीय विमान घने कोहरे, बारिश और धूल जैसे कठिन हालात में भी सुरक्षित रूप से लैंड कर पाते हैं।
महिंद्रा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि वे डॉ. शुभा से बेहद प्रभावित हैं क्योंकि वह “सचमुच कोहरे में विमान को सुरक्षित उतारने में मदद करती हैं, जबकि हममें से अधिकांश लोग जीवन की मुश्किलों से निपटना सीख रहे होते हैं।” उन्होंने यह भी लिखा कि डॉ. शुभा बीएससी और एमएससी दोनों में टॉपर रहीं और उनके माता-पिता ने उस दौर में भी उन्हें विज्ञान पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया, जब लड़कियों को साइंस में करियर बनाने के लिए शायद ही प्रेरणा मिलती थी।
आनंद महिंद्रा ने बताया कि डॉ. शुभा ने CSIR–NAL (नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज) में 40 से अधिक वर्षों तक सेवा दी और उस टीम का नेतृत्व किया जिसने ‘दृष्टि’ सिस्टम विकसित किया। यह सिस्टम खास तौर पर भारत की भौगोलिक और मौसम संबंधी चुनौतियों—जैसे घना कोहरा, बारिश और धूल—को ध्यान में रखकर बनाया गया है। महिंद्रा ने लिखा, “जब दुनिया धुंधली लगे, तो याद रखें—किसी ने ऐसे सिस्टम बनाए हैं, ताकि दूसरे लोग सुरक्षित लैंड कर सकें।”
टीओआई के अनुसार, डॉ. शुभा ने सेंट्रल कॉलेज, बेंगलुरु से भौतिकी में बीएससी (ऑनर्स) और एमएससी दोनों में प्रथम स्थान प्राप्त किया और 1974 में NAL से जुड़ीं। बचपन से ही उनके पिता ने उन्हें उच्च शिक्षा और पीएचडी के लिए प्रेरित किया। पिता के निधन के बाद भी उन्होंने अपने काम के जरिए उनके सपनों को आगे बढ़ाया।
नौ भाई-बहनों में सबसे छोटी डॉ. शुभा आज भी रिटायरमेंट के बाद संस्थानों को सलाह देती हैं। उनका कहना है, “जहां भी संभव हो, मैं मदद करती हूं।” उनकी यह सोच विज्ञान के प्रति उनकी आजीवन प्रतिबद्धता को दर्शाती है।







