Home राष्ट्रीय मैक्रों और मोदी के बीच रक्षा तथा एआई पर होगी निर्णायक बातचीत

मैक्रों और मोदी के बीच रक्षा तथा एआई पर होगी निर्णायक बातचीत

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Macron and Modi to hold crucial talks on defence and AI

मुंबई। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर देर रात मुंबई पहुंचे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमता (एआई), महत्वपूर्ण खनिजों और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नयी ऊंचाई पर ले जाने का संकेत है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत करते हुए लिखा, “मेरे प्रिय मित्र इमैनुएल मैक्रों भारत में आपका स्वागत है। भारत हमारे द्विपक्षीय संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उत्सुक है। आपसे मुंबई और बाद में दिल्ली में मुलाकात होगी।” दोनों नेता आज मुंबई के लोक भवन में व्यापक द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। उम्मीद है कि वे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे। हिंद-प्रशांत सहयोग सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और रक्षा, व्यापार, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवा, आपूर्ति शृंखला तथा महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित लगभग एक दर्जन समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर के साक्षी बनेंगे।

आज शाम 5:15 बजे प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों गेटवे ऑफ इंडिया पर संयुक्त रूप से ‘भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026’ का उद्घाटन करेंगे। वे दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं, स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और नवाचारकों की एक उच्च-स्तरीय सभा को संबोधित करेंगे, जो तकनीकी और उद्यमशीलता संबंधों को बढ़ावा देने के लिए साल भर चलने वाली पहल की औपचारिक शुरुआत होगी। वर्ष 2017 में कार्यभार संभालने के बाद से राष्ट्रपति मैक्रों की यह चौथी भारत यात्रा है और मुंबई की उनकी पहली यात्रा है। यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर हो रही है और पिछले साल प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा के दौरान अपनाये गये ‘होराइजन 2047’ रोडमैप पर आधारित है। मुंबई में आज के कार्यक्रमों के बाद राष्ट्रपति मैक्रों 18-19 फरवरी को ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेने के लिए नयी दिल्ली जायेंगे। उनकी यात्रा को लेकर दक्षिण मुंबई के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी है तथा लोक भवन और गेटवे ऑफ इंडिया के आसपास यातायात में बदलाव कर दिया गया है। इस यात्रा को भारत की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों में से एक माना जा रहा है। इसका लक्ष्य दोनों पक्षों के लंबे समय से चले आ रहे रक्षा और रणनीतिक सहयोग को अत्याधुनिक तकनीकों और आर्थिक क्षेत्रों में गहरे सहयोग में बदलना है। द्विपक्षीय वार्ता के अन्य परिणामों और हस्ताक्षरित समझौतों की सूची आज बाद में एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में साझा किये जाने की उम्मीद है।

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इन घटनाक्रमों पर भारत के रक्षा आधुनिकीकरण, एआई पारिस्थितिकी तंत्र और व्यापक वैश्विक तकनीकी नेतृत्व पर उनके प्रभाव के लिए करीब से नजर रखी जायेगी। श्री मैक्रों ने भारत-फ्रांस सहयोग संबंधों को पर कहा, “हमारी रणनीतिक साझेदारी को और भी आगे ले जाने के लिए मुंबई से नयी दिल्ली तक के तीन दिन।” राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर लिखा, “मेरे साथ व्यापारिक नेता और प्रमुख आर्थिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक और डिजिटल हितधारक हैं, जो भारत-फ्रांस के बीच के संबंधों को वास्तविक और ठोस रूप देते हैं।” मुंबई में उतरने से पहले उन्होंने कहा, “हम भारत और फ्रांस साथ मिलकर अपने सहयोग को और भी आगे ले जायेंगे।” भारत-फ्रांस के बीच लंबे समय से रणनीतिक संबंध हैं। ये पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, नागरिक परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष सहयोग और समुद्री सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक गहरे हुए हैं। दोनों देशों ने जलवायु पहल और हिंद-प्रशांत सहयोग पर भी मिलकर काम किया है। एआई इम्पैक्ट समिट में श्री मैक्रों की भागीदारी और द्विपक्षीय वार्ता भारत-फ्रांस साझेदारी में प्रौद्योगिकी और नवाचार के बढ़ते महत्व पर जोर देती है, क्योंकि दोनों देश अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करना चाहते हैं।

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