नयी दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज्यसभा भाषण पर सियासी घमासान तेज हो गया है। गुरुवार शाम प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए राज्यसभा में करीब 97 मिनट तक भाषण दिया। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया। अब इस भाषण को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने लंबे भाषण में कोई भी नई या ठोस बात नहीं रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठी बातों को दोहराना प्रधानमंत्री की आदत बन चुकी है। खरगे के मुताबिक, “97 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने कुछ भी नया नहीं कहा और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का एक भी जवाब नहीं दिया। वे सिर्फ 100 साल और 75 साल की बातें करते रहे।”
खरगे ने रिटायर्ड जनरल नरवणे की प्रकाशित किताब का भी जिक्र किया और सवाल उठाया कि अगर किताब उपलब्ध है, तो सरकार इसे नजरअंदाज कैसे कर सकती है। उन्होंने रक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर सिर्फ बचाव करते रहे। खरगे ने यह भी पूछा कि जब राहुल गांधी ने 2022 के चीन से जुड़े मुद्दे को उठाया, तो सरकार और सत्तापक्ष इतना असहज क्यों हो गया।
सिख समुदाय के अपमान के आरोपों पर जवाब देते हुए खरगे ने कहा कि कांग्रेस सिखों का हमेशा सम्मान करती आई है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि वे एक प्रख्यात अर्थशास्त्री रहे हैं और दो बार देश के प्रधानमंत्री बने। खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार केवल कांग्रेस को गाली देने में समय बिताती है और बीते 10 वर्षों में देश के लिए ठोस उपलब्धियों पर चर्चा नहीं करती।
खरगे के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है। विपक्ष जहां सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्तापक्ष प्रधानमंत्री के भाषण को ऐतिहासिक और तथ्यपूर्ण बता रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सियासत दोनों में तीखी बहस जारी रहने के आसार हैं।







