तिरुवनंतपुरम। केरल उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) विवादित सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। मामले में माकपा नेता पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीना, उनके पति और माकपा विधायक पी.ए. मोहम्मद रियास सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और वीना की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित भुगतान से जुड़ा है।
राज्य सरकार की ओर से गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कहा है कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा और उसके खिलाफ अपील नहीं की जाएगी। मामले की जांच के लिए वीएसीबी अधिकारियों की विशेष टीम गठित किए जाने की बात भी कही गई है। जांच का दायरा कई स्थानों से जुड़े कथित लेन-देन तक पहुंच सकता है।
उच्च न्यायालय ने दिया प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में वीएसीबी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कथित अपराधों को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। अदालत ने राज्य सरकार के उस फैसले को भी रद्द कर दिया, जिसके तहत प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय अपराध शाखा की विशेष जांच टीम से प्रारंभिक जांच कराई जा रही थी।
न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी, गवाहों के बयान और दस्तावेज ऐसे संकेत देते हैं, जिनके आधार पर संज्ञेय अपराधों की जांच के लिए मामला दर्ज करना आवश्यक है।
दस्तावेज और रिकॉर्ड जांच एजेंसी को सौंपने के निर्देश
अदालत ने यह भी कहा कि केंद्रीय एजेंसी की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज करने से पहले अलग से प्रारंभिक जांच की आवश्यकता नहीं है। न्यायालय ने संबंधित रिकॉर्ड वीएसीबी को सौंपने का निर्देश दिया, ताकि आगे की जांच की जा सके।
अब मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी कथित भुगतान, संबंधित दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की पड़ताल करेगी। हालांकि, प्राथमिकी दर्ज होना आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में संबंधित व्यक्तियों की कानूनी स्थिति और आरोपों की पुष्टि जांच तथा आगे की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।







