नयी दिल्ली: अमेरिका के नेतृत्व में शुरू की गई महत्वपूर्ण तकनीकी पहल ‘पैक्स-सिलिका’ में भारत आज आधिकारिक रूप से शामिल होने जा रहा है। यह पहल मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी सप्लाई चेन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस पहल को डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की एक बड़ी रणनीतिक कोशिश माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य वैश्विक स्तर पर संवेदनशील तकनीकों की आपूर्ति को सुरक्षित करना और मित्र देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है।
‘पैक्स-सिलिका’ का उद्देश्य सेमीकंडक्टर, एआई चिप्स और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल तकनीकों की सप्लाई चेन को ऐसे देशों के बीच मजबूत करना है, जो पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता के मानकों का पालन करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से एआई और सेमीकंडक्टर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में निर्भरता कम होगी और सहयोगी देशों के बीच तकनीकी साझेदारी बढ़ेगी।
भारत का इस पहल में शामिल होना रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि भारत तेजी से एआई, सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में उभरता हुआ प्रमुख केंद्र बन रहा है। इससे भारत को अत्याधुनिक तकनीक तक बेहतर पहुंच मिलेगी और घरेलू स्तर पर तकनीकी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह कदम भारत की वैश्विक तकनीकी और आर्थिक भूमिका को और मजबूत करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, पैक्स-सिलिका पहल वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुरक्षित और स्थिर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें शामिल होकर भारत न केवल अपनी तकनीकी क्षमता को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में अपनी भूमिका को भी और प्रभावी बना सकेगा। यह पहल भविष्य में तकनीकी सुरक्षा और सहयोग के नए मानक स्थापित करने की दिशा में एक अहम प्रयास मानी जा रही है।







