नयी दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कमजोर शुरुआत की और शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में नजर आए। वैश्विक संकेतों के दबाव के बीच निवेशकों में सतर्कता दिखी, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा। कारोबार शुरू होते ही 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 117.34 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,063.13 अंक पर आ गया। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 56.05 अंक या 0.22 प्रतिशत टूटकर 25,176.45 अंक पर कारोबार करता दिखा, जिससे यह अहम 25,200 के स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार की इस कमजोरी के पीछे वैश्विक स्तर पर नकारात्मक संकेतों को मुख्य वजह माना जा रहा है। खासतौर पर अमेरिकी शेयर बाजार में आई तेज गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूरोप पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के बाद मंगलवार को वॉल स्ट्रीट में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। बढ़ती अनिश्चितता और व्यापार तनाव की आशंकाओं के कारण निवेशकों ने जोखिम भरे निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी।
मंगलवार को वॉल स्ट्रीट के तीनों प्रमुख सूचकांक तीन महीनों के सबसे बड़े नुकसान के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 में 2.06 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि टेक शेयरों पर दबाव के चलते नैस्डैक कंपोजिट 2.39 प्रतिशत लुढ़क गया। इसी तरह डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी 870.74 अंक या 1.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 48,488.59 पर बंद हुआ। इस भारी गिरावट ने वैश्विक बाजारों में नई अस्थिरता की आशंका को और बढ़ा दिया है।
घरेलू बाजार में भी आईटी, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर दबाव देखने को मिला, जबकि चुनिंदा बैंकिंग और एफएमसीजी शेयरों ने कुछ हद तक गिरावट को थामने की कोशिश की। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी नीतिगत बयानों और आगामी आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी। फिलहाल, अनिश्चित वैश्विक माहौल के बीच भारतीय बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।







