विशाखापत्तनम: सिटी ऑफ डेस्टिनी के नाम से मशहूर विशाखापत्तनम के समुद्री तट पर आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (आईएफआर) भारत की बढ़ती नौसैनिक शक्ति और वैश्विक प्रभाव का भव्य प्रदर्शन बनने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर बंगाल की खाड़ी में तैनात भारतीय और विदेशी युद्धपोतों के विशाल बेड़े का निरीक्षण करेंगी। इस आयोजन में भारतीय नौसेना के साथ-साथ मित्र देशों के कुल 71 युद्धपोत और पनडुब्बियां हिस्सा ले रही हैं, जो भारत की बढ़ती सामरिक क्षमता और वैश्विक सहयोग का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान 50 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाई-पास्ट के जरिए राष्ट्रपति को सलामी देंगे। इसमें मिग-29के, एलसीए तेजस, पी-8आई टोही विमान और सी-किंग हेलिकॉप्टर शामिल होंगे, जो भारत की आधुनिक वायु और समुद्री युद्ध क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा नौसेना के विशेष कमांडो मार्कोस समुद्र में अपने उन्नत युद्ध कौशल का प्रदर्शन कर दुनिया को भारत की सैन्य दक्षता से परिचित कराएंगे।
यह आयोजन केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की समुद्री कूटनीति का भी महत्वपूर्ण मंच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महासागर विजन’ के तहत भारत हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता की भूमिका को मजबूत कर रहा है। इस कार्यक्रम में 75 देशों और 65 नौसेनाओं की भागीदारी भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और सामरिक महत्व को दर्शाती है।
भारत में फ्लीट रिव्यू की शुरुआत 1953 में हुई थी, जब प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने पहली बार नौसेना के जहाजों का निरीक्षण किया था। आज यह आयोजन भारत की समुद्री शक्ति, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।







