नयी दिल्ली: भारत ने वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक तकनीकी गठबंधन Pax Silica में आधिकारिक रूप से शामिल हो गया है। नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ के दौरान यह घोषणा की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग और राजदूत सर्जियो गोर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस पहल के तहत भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सेमीकंडक्टर निर्माण, आवश्यक खनिज संसाधनों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब दोनों देश तकनीकी और आर्थिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं, खासकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौर में लगे टैरिफ से उत्पन्न तनाव के बाद।
पैक्स सिलिका का गठन 2025 में वैश्विक टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन को सुरक्षित और स्थिर बनाने के उद्देश्य से किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भरोसेमंद देशों के बीच सहयोग बढ़ाकर सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण मिनरल्स और AI टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। इस गठबंधन में पहले से ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस साझेदारी से भारत को उन्नत टेक्नोलॉजी, निवेश और वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, AI आधारित भविष्य की अर्थव्यवस्था में भारत की भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। यह कदम भारत को तकनीकी महाशक्ति बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।







