नयी दिल्ली: ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच जारी भीषण संघर्ष का असर अब शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। सुरक्षा स्थिति को देखते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने पश्चिम एशिया के कई देशों में कक्षा 12वीं की शेष बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है। बोर्ड ने रविवार को आपात घोषणा जारी करते हुए कहा कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।
CBSE के इस फैसले से बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित 150 से अधिक मान्यता प्राप्त स्कूलों के हजारों छात्र प्रभावित होंगे। बोर्ड के अनुसार, 16 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच होने वाली सभी शेष परीक्षाएं अब आयोजित नहीं की जाएंगी। इसके अलावा, जो परीक्षाएं पहले सुरक्षा कारणों से स्थगित की गई थीं, उन्हें भी अब रद्द माना जाएगा।
CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि यह फैसला क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की समीक्षा और वहां के स्कूल प्रशासन व स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा बोर्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही खाड़ी देशों में भारत के राजदूतों और दुबई स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास को भी इस निर्णय की जानकारी दे दी गई है, ताकि आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
इस वर्ष कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हुई थीं। पश्चिम एशिया में 1 मार्च से पहले भौतिकी, रसायन विज्ञान, भूगोल और लेखाशास्त्र जैसे कई विषयों की परीक्षाएं संपन्न हो चुकी थीं। इससे पहले 5 मार्च को CBSE ने इस क्षेत्र में 10वीं कक्षा की शेष परीक्षाएं भी रद्द कर दी थीं।
CBSE ने कहा है कि प्रभावित छात्रों के परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया और मूल्यांकन पद्धति के बारे में जल्द ही अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इस फैसले से खाड़ी देशों में पढ़ रहे हजारों भारतीय छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है, हालांकि बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था की जाएगी।







