गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर मुसलमानों को निशाना बनाने वाली हिंसक तस्वीरों वाले एक पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने के परिप्रेक्ष्य में मंगलवार को कहा कि उन्हें ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है और जरूरत पड़ने पर जेल जाने को भी तैयार हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम इकाई ने एक एआई-जनरेटेड वीडियो पोस्ट किया, जिसमें मुख्यमंत्री को टोपी पहने दो लोगों पर बेहद करीब से गोली चलाते हुए दिखाया गया था, हालांकि बाद में इसे डिलीट कर दिया गया।श्री ओवैसी ने इसी वीडियो के संदर्भ में हैदराबाद में श्री सरमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इस संबंध में पूछे जाने पर श्री सरमा ने कहा, “मुझे ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है , हालांकि अगर उन्होंने प्राथमिकी दर्ज कराई है, तो मैं जेल जाने को तैयार हूं। अगर मेरे खिलाफ कोई मामला है, तो पुलिस को आकर मुझे गिरफ्तार करना चाहिए। मैं इस पर आपत्ति कैसे कर सकता हूं? मैं जेल जाने को तैयार हूं।” उन्होंने कहा, “लेकिन मैं अपनी कही बात पर कायम हूं। मैं बंगलादेशी घुसपैठियों के खिलाफ हूं और आगे भी उनके खिलाफ खड़ा रहूंगा।” यहां यह उल्लेख करना जरूरी है कि इस वीडियो के कारण सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई, जिसके चलते भाजपा को बाद में इसे हटाना पड़ा। वीडियो को बाद में क्यों हटाया गया, इस सवाल पर असम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने स्पष्ट किया कि वीडियो को इसलिए हटाया गया क्योंकि इसकी गलत व्याख्या की गई थी और ऐसा लग रहा था कि इससे लोगों को असुविधा हुई है।







