नयी दिल्ली: वैश्विक तनाव के बीच देश में एलपीजी की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं पर पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda ने लोगों से घबराने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर कुछ दबाव जरूर पड़ा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सरकार इस पर लगातार नजर बनाए हुए है।
दरअसल, हाल के दिनों में Iran, United States और Israel के बीच बढ़े तनाव के कारण तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इसी के बाद देश के कई हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि भू-राजनीतिक हालात का असर सप्लाई पर पड़ सकता है, लेकिन सरकार ने स्थिति को लेकर पूरी स्पष्टता दी है।
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्ष के कारण थोड़ी बहुत आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल हर मुद्दे को सरकार के खिलाफ इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं, चाहे उसमें सच्चाई हो या नहीं।
इस मुद्दे पर Milind Deora ने भी लोगों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत मौजूद हैं और जरूरत पड़ने पर अन्य देशों से प्राकृतिक गैस खरीदी जा सकती है। वहीं Arun Bharti ने भी कहा कि केंद्र सरकार संसद में पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि स्थिति नियंत्रण में है और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
इसी बीच भाजपा सांसद K. Sudhakar ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत बनी हुई है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में देश को एलपीजी की कमी जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।







