नयी दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इसी बीच Mohammad Jawed ने सरकार के दावों और जमीनी हालात के बीच बड़ा अंतर होने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि संसद परिसर में भी एलपीजी की कमी का असर देखने को मिल रहा है और सांसदों को कैंटीन में चाय या कॉफी तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश में गैस की कमी स्पष्ट दिखाई दे रही है। उनका कहना था कि जब सांसदों ने संसद कैंटीन में चाय या कॉफी की मांग की, तो उन्हें बताया गया कि एलपीजी की कमी के कारण यह उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की खबरें सामने आ रही हैं और कुछ जगहों पर सिलेंडर की कीमत 1,500 से 2,000 रुपये तक वसूली जा रही है।
सांसद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ सरकार कहती है कि घबराने की कोई बात नहीं है, जबकि दूसरी ओर आम लोगों को गैस सिलेंडर के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार को इस संकट को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान निकालना चाहिए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं इस मुद्दे पर Nirmala Sitharaman ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। लोकसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रही परिस्थितियों के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिससे कई चुनौतियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है और देश में आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने की पूरी कोशिश की जा रही है।
साथ ही उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस गंभीर मुद्दे पर सहयोग करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सभी दलों को मिलकर देश के हित में काम करना चाहिए और जनता के बीच भरोसा बनाए रखना चाहिए।







