नयी दिल्ली: अवामी लीग के पूर्व सांसद बहाउद्दीन नसीम ने बांग्लादेश में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना की कथित मौजूदगी को लेकर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने मौजूदा अंतरिम प्रशासन पर विदेशी प्रभाव को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया है। एएनआई से बातचीत में नसीम ने दावा किया कि हाल के महीनों में पाकिस्तान की सैन्य खुफिया एजेंसी से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी लगातार बांग्लादेश का दौरा कर रहे हैं। उनके अनुसार, आईएसआई के दूसरे नंबर के अधिकारी और पाकिस्तानी सेना के शीर्ष स्तर के अधिकारी ढाका में सक्रिय रूप से मौजूद हैं।
नसीम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आईएसआई पर दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में आतंकवादी संगठनों को पनाह, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता देने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल में ऐसी ताकतों को बांग्लादेश में घुसपैठ करने का कोई अवसर नहीं मिला था। उस दौरान देश में आंतरिक सुरक्षा मजबूत थी और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम रही।
पूर्व सांसद ने मौजूदा अंतरिम सरकार को “अवैध” करार देते हुए आरोप लगाया कि अब पाकिस्तान से जुड़े कथित सहयोगियों को सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में प्रभाव मिल रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने अपने स्तर पर पाकिस्तान के साथ संपर्क बढ़ाया है, जिससे द्विपक्षीय गतिविधियों में तेजी आई है।
नसीम ने हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि कराची और चटगांव बंदरगाहों के बीच सीधी व्यावसायिक शिपिंग सेवा शुरू हुई है, जो पिछले 54 वर्षों में नहीं देखी गई थी। उनके अनुसार, यह बदलाव मौजूदा अंतरिम प्रशासन के कार्यकाल में सामने आया है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बांग्लादेश के रणनीतिक और संवेदनशील इलाकों में पाकिस्तानी सैन्य और खुफिया एजेंसियों की गतिविधियां बढ़ी हैं। नसीम ने चेतावनी दी कि कुछ वरिष्ठ आईएसआई अधिकारियों ने देश के भीतर ठिकाने भी बना लिए हैं, जिससे आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का खतरा है। अवामी लीग ने इन आरोपों की कड़ी निंदा करते हुए राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।







