मुंबई: मुंबई में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के कथित घोटाले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। Municipal Corporation of Greater Mumbai (बीएमसी) की नवनियुक्त महापौर Ritu Tawde ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए “सर्जिकल स्ट्राइक” जैसी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उच्च स्तरीय बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अवैध रूप से जारी किए गए दस्तावेजों और इसमें शामिल अधिकारियों व एजेंटों को बख्शा नहीं जाएगा।
महापौर के अनुसार, अब तक 237 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र रद्द किए जा चुके हैं। हालांकि मूल दस्तावेज अभी लाभार्थियों के पास हैं और उनकी बरामदगी बाकी है। अधिकारियों ने एक महीने में दस्तावेज वापस लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन महापौर ने 15 दिन की समयसीमा तय कर दी है। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय में कार्रवाई न होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रस्ताव लाकर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
तावड़े ने बताया कि अब तक इस मामले में आठ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और स्वास्थ्य विभाग के दो चिकित्सा अधिकारियों को निलंबित किया गया है। जांच जारी है और अन्य संलिप्त कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व सांसद Kirit Somaiya लंबे समय से इस मुद्दे को उठाते रहे थे, लेकिन पहले प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई।
वहीं Uddhav Thackeray ने महापौर के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि अवैध घुसपैठ का मुद्दा केंद्र और राज्य सरकार के गृह विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर असली प्रशासनिक विफलताओं से ध्यान हटाया जा रहा है।
मामले ने बीएमसी प्रशासन और राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।







