Home राष्ट्रीय यूरोपीय संघ की सैन्य टुकड़ी ने गणतंत्र दिवस में जोड़ा अंतरराष्ट्रीय आयाम

यूरोपीय संघ की सैन्य टुकड़ी ने गणतंत्र दिवस में जोड़ा अंतरराष्ट्रीय आयाम

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EU military contingent adds international dimension to Republic Day

नयी दिल्ली। भारत ने सोमवार को लोकतंत्र, संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव के भव्य प्रदर्शन के साथ अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस दौरान कर्तव्य पथ पर यूरोपीय संघ (ईयू) की एक सैन्य टुकड़ी की मौजूदगी ने उत्सव में एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय आयाम जोड़ दिया। इस वर्ष की परेड की थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ (राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में) थी। इसमें ईयू की भागीदारी ने संस्थागत एकता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा में उसकी बढ़ती भूमिका को दर्शाया, जो भारत और यूरोपीय संघ के बीच गहरी होती रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है।

गणतंत्र दिवस परेड में ईयू की सैन्य उपस्थिति को तीन औपचारिक जिप्सी वाहनों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। यूरोपीय संघ के सैन्य प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल फ्रेडरिक साइमन स्प्रुइट ने किया, जो यूरोपीय संघ सैन्य स्टाफ (ईयूएमएस) के महानिदेशक का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। एक जिप्सी वाहन पर यूरोपीय संघ के झंडे के साथ यूरोपीय संघ सैन्य स्टाफ का झंडा प्रदर्शित किया गया था। यह प्रदर्शन यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों की सामूहिक एकता और ईयू की सुरक्षा एवं रक्षा संरचना के भीतर एक स्थायी सैन्य निकाय के रूप में ईयूएमएस की भूमिका को दर्शाता है। एक अन्य वाहन पर ईयू नौसेना ‘अटलांटा’और ईयू नौसेना ‘एस्पाइड्स’ के झंडे लगे थे। यूरोपीय संघ की साझा सुरक्षा और रक्षा नीति के तहत संचालित ये नौसैनिक मिशन हिंद महासागर और लाल सागर क्षेत्रों में काम करते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को सुरक्षित रखने में ईयू की सक्रिय भूमिका को उजागर करते हैं। इस वर्ष के समारोहों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 साल पुरानी विरासत के साथ-साथ भारत की विकासात्मक उपलब्धियों, सैन्य क्षमता, सांस्कृतिक विविधता और व्यापक जनभागीदारी का संगम देखने को मिला।

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