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ईडी ने की एसएससी भर्ती घोटाले की जांच तेज, पार्थ चटर्जी, अर्पिता मुखर्जी को भेजा समन

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ED intensifies SSC recruitment scam probe, summons Partha Chatterjee, Arpita Mukherjee

कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में कथित एसएससी भर्ती घोटाले की जांच तेज करते हुए पूर्व राज्य मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। ईडी सूत्रों के अनुसार श्री चटर्जी को 16 मार्च और सुश्री मुखर्जी को 18 मार्च के बीच एजेंसी के समक्ष पेश होने को कहा गया है। दोनों फिलहाल जमानत पर हैं। ईडी ने हालांकि पहले प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में उनसे पूछताछ की थी लेकिन एसएससी से जुड़े मामले में यह पहली बार है जब एजेंसी उनसे विशेष रूप से पूछताछ करेगी।
श्री चटर्जी और सुश्री मुखर्जी को जुलाई 2022 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।

उस समय अर्पिता मुखर्जी से जुड़े दो फ्लैटों से ईडी ने लगभग 50 करोड़ रुपये नकद बरामद किए थे, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। बाद में एसएससी और प्राथमिक भर्ती घोटाले की जांच कर रही केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी श्री चटर्जी को दोनों मामलों में गिरफ्तार किया था। हालांकि, इन घटनाक्रमों के बावजूद ईडी ने अब तक एसएससी मामले में उनसे पूछताछ नहीं की थी। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी अपनी जांच केवल पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी दाेनों तक सीमित नहीं रखेगी। कथित अनियमितताओं से जुड़े कई अन्य लोगों को भी इस महीने के अंत तक समन भेजे जाने की संभावना है।

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ईडी कथित ‘मनी ट्रेल’ का पता लगाने और घोटाले में शामिल व्यापक नेटवर्क की पहचान के लिए कई अभ्यर्थियों के बयान भी दर्ज करने की तैयारी कर रही है। तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक पार्थ को पिछले वर्ष नवंबर में सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया था। उन्होंने तीन वर्ष तीन महीने जेल में बिताए। गत दिसंबर में नक्तला स्थित अपने आवास के बाथरूम में फिसलने से उनके बाएं हाथ में चोट लग गई थी, जिसके बाद उन्हें ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन बाइपास के पास एक निजी अस्पताल में 25 दिनों तक भर्ती रहना पड़ा था और 31 दिसंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली गयी थी। सुश्री मुखर्जी को पिछले साल नवंबर में दो वर्ष तीन महीने न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत मिली थी। उन्हें अब तक किसी भी सीबीआई मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है।

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