चंडीगढ़। पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बाहरी लोगों की मौजूदगी और उसके बाद हुई हिंसा की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराने की मांग की है। एलपीयू में छात्रों का प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया था और पुलिस के साथ झड़प के बाद विश्वविद्यालय परिसर तथा आसपास के क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी।
जाखड़ ने कहा कि जांच के जरिए यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल किसी राजनीतिक उद्देश्य या पंजाब में तनाव पैदा करने के लिए तो नहीं किया गया। उन्होंने कथित तौर पर हथियारबंद बाहरी लोगों की भूमिका की भी जांच की मांग की और कहा कि जांच एजेंसियों को यह पता लगाना चाहिए कि घटनाक्रम के पीछे किसी अलगाववादी या अन्य बाहरी तत्व की भूमिका थी या नहीं।
उन्होंने पंजाब के भीतर किसी राजनीतिक समूह की संभावित भूमिका की जांच किए जाने की बात भी कही। जाखड़ के मुताबिक, जांच के दौरान छात्रों के हितों और उनकी भावनाओं की पूरी तरह रक्षा की जानी चाहिए तथा यदि किसी बाहरी या आंतरिक संगठन की भूमिका सामने आती है तो उसे तथ्यात्मक जांच के आधार पर उजागर किया जाना चाहिए।
एलपीयू में विवाद की शुरुआत एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ी अपुष्ट जानकारी के बाद हुई थी। पुलिस ने मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस ने जांच में फोरेंसिक, सीसीटीवी और फोन डेटा की जांच किए जाने की बात कही है। वहीं, विश्वविद्यालय ने परिसर में ऐसी घटना होने के दावे को गलत और निराधार बताया है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को भी बाधित किया। बाद में स्थिति बिगड़ने पर पथराव और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल तैनात किया। एलपीयू ने सुरक्षा को देखते हुए 28 सितंबर से 10 दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं और मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी हैं।
जाखड़ ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब में चुनाव नजदीक होने के कारण पूरे घटनाक्रम की जांच इस पहलू से भी होनी चाहिए कि कहीं छात्रों को किसी राजनीतिक हित के लिए इस्तेमाल तो नहीं किया गया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित जालंधर दौरे से पहले माहौल प्रभावित करने की किसी संभावित कोशिश की भी जांच की मांग की।







