
नंदुरबार, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के अक्कलकुवा तालुका स्थित सरकारी भांगरापानी आश्रम स्कूल में छात्रों को परोसे गए भोजन में कथित तौर पर मरी हुई छिपकली मिलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद स्कूल में भोजन की गुणवत्ता और आदिवासी विद्यार्थियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले से संबंधित वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल के विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाने वाला भोजन एक सेंट्रल किचन से सप्लाई किया गया था। इसी भोजन में कथित तौर पर मरी हुई छिपकली मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना की विस्तृत परिस्थितियों और भोजन में छिपकली मिलने की आधिकारिक पुष्टि के संबंध में फिलहाल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इस घटना ने आश्रम स्कूलों में विद्यार्थियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन स्कूलों में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के बच्चे रहकर पढ़ाई करते हैं और भोजन सहित अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संस्थागत व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में भोजन में किसी बाहरी वस्तु या संदिग्ध जीव के मिलने की शिकायत को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
मामले के सामने आने के बाद विभिन्न आदिवासी संगठनों ने विरोध जताया है। संगठनों ने संबंधित स्कूल में सप्लाई किए जा रहे भोजन की तत्काल जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि भोजन तैयार करने से लेकर उसकी पैकिंग, परिवहन और विद्यार्थियों तक वितरण की पूरी प्रक्रिया की जांच होनी चाहिए, ताकि लापरवाही के कारणों का पता लगाया जा सके।
आदिवासी संगठनों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने के साथ-साथ जिम्मेदार प्रबंधक तथा भोजन आपूर्तिकर्ता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
अब इस मामले में संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। भोजन की गुणवत्ता की पुष्टि, जिम्मेदार पक्षों की पहचान और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करना आवश्यक है। फिलहाल, घटना से जुड़े आरोपों की आधिकारिक जांच और निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है।






