
नयी दिल्ली: वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार इस समय जबरदस्त दबाव में है। बीते एक सप्ताह में क्रिप्टो मार्केट की कुल वैल्यू करीब 500 अरब डॉलर घट गई है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। सबसे बड़ा झटका बिटकॉइन को लगा है, जिसकी कीमत एक हफ्ते में करीब 20 प्रतिशत गिर गई। गुरुवार को बिटकॉइन लगभग 70,122 डॉलर पर कारोबार करता देखा गया, जबकि एक ही दिन में इसमें करीब 8 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई।
बिटकॉइन के साथ-साथ अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी लाल निशान में हैं। दूसरी सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी ईथर (Ethereum) पिछले 24 घंटों में करीब 7.9 प्रतिशत टूटकर 2,091 डॉलर के आसपास पहुंच गई। प्रमुख ऑल्टकॉइन्स जैसे BNB, XRP, सोलाना, ट्रॉन, डॉजकॉइन और कार्डानो में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, Hyperliquid ने इस गिरते बाजार में भी मामूली बढ़त दिखाते हुए 0.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की।
CoinMarketCap के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक क्रिप्टो बाजार की कुल पूंजी 6.47 प्रतिशत घटकर 2.42 ट्रिलियन डॉलर रह गई है। जानकारों का कहना है कि यह गिरावट किसी एक क्रिप्टो से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक वित्तीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता का नतीजा है।
WazirX के संस्थापक निशाल शेट्टी के मुताबिक, दुनिया भर के इक्विटी बाजारों, खासकर टेक शेयरों में तेज बिकवाली के चलते निवेशक “रिस्क-ऑफ” मोड में चले गए हैं। इसका असर क्रिप्टो जैसी जोखिम भरी संपत्तियों पर भी पड़ा है। इसके अलावा, क्रिप्टो बाजार में अधिक लीवरेज के कारण जब कीमतें गिरीं तो मजबूरी में बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन हुआ, जिससे गिरावट और तेज हो गई।
Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत का कहना है कि फिलहाल बिटकॉइन दबाव में बना हुआ है। अमेरिकी सरकार का आंशिक शटडाउन खत्म होने से लिक्विडिटी में सुधार की उम्मीद जरूर है, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में क्रिप्टो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।






