नई दिल्ली। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के केंद्रीय सदस्य के सचिव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने सरकार पर ऐतिहासिक पहचान मिटाने, किसानों के शोषण और विदेशी दबाव में झुकने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी के केंद्रीय सचिव ने कहा कि जिस तरह से ‘जी राम जी’ और ‘मनरेगा’ जैसी योजनाओं के नाम बदले जा रहे हैं, उससे जनता में भारी आक्रोश है। उन्होंने इसे विकास के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया गया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा करने के बजाय उन्हें ‘हाइजैक’ करने की कोशिश कर रही है, जिससे कृषि क्षेत्र संकट में है। सरकार की विदेश नीति को ‘विफल’ बताते हुए उन्होंने कहा कि 0% से सीधे 18% तक टैरिफ बढ़ाना इस बात का प्रमाण है। उन्होंने चिंता जताई कि अमेरिका भारत को आर्थिक रूप से अपना गुलाम बनाने की दिशा में बढ़ रहा है और वर्तमान कूटनीति इसे रोकने में अक्षम साबित हो रही है। इन जनविरोधी नीतियों के विरोध में सीपीएम ने 24 मार्च को एक ‘महाआंदोलन’ की घोषणा की है। सचिव ने आह्वान किया है कि पूरे भारत से लोग बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचें ताकि सरकार की ‘विफल कूटनीति’ और ‘किसान विरोधी’ फैसलों के खिलाफ आवाज बुलंद की जा सके।







