विकाराबाद। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने सोमवार को कहा कि देश की गहन समस्याओं का समाधान तभी होगा जब राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनेंगे। श्री भट्टी ने यहाँ डीसीसी अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में ‘जातिगत मुद्दे और आरक्षण – जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कैसे लड़ना चाहिए’ विषय पर बोलते हुए कहा कि जहाँ कहीं भी छुआछूत या जातिगत भेदभाव की घटनाएँ होती हैं, राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करते हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के जिला कांग्रेस समिति (डीसीसी) के अध्यक्षों से दोनों राज्यों में अधिकतम लोकसभा सीटें सुरक्षित करने के लिए काम करने का आह्वान किया।
रोहित वेमुला की मृत्यु का संदर्भ देते हुए श्री भट्टी ने कहा कि श्री गांधी ने परिसर का दौरा किया था, छात्रों के साथ बातचीत की और आंदोलन का समर्थन किया, साथ ही यह सुनिश्चित किया कि इस मुद्दे को राजनीतिक बनाने के बजाय एक सामाजिक सरोकार के रूप में देखा जाए। उन्होंने बताया कि कर्नाटक और तेलंगाना में रोहित वेमुला के नाम पर कानून बनाने के प्रयास चल रहे हैं। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने चुनावों से पहले संसाधनों और धन के समान वितरण का वादा किया था और कांग्रेस द्वारा गठित सरकारें उसी दिशा में कल्याण और विकास कार्यक्रम लागू कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार, 50 दिनों के भीतर जाति जनगणना पूरी की गई और विधानसभा में पेश की गई, जहाँ इसे सर्वसम्मति से मंजूरी मिली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कांग्रेस पार्टी को खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए श्री भट्टी ने कहा कि जिस पार्टी ने स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और आर्थिक, सामाजिक तथा राजनीतिक समानता प्राप्त करने के उद्देश्य से कानून बनाए, उसे अब ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ के नारे के तहत निशाना बनाया जा रहा है। श्री भट्टी ने भाजपा पर संविधान को कमजोर करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, एससी/एसटी सब-प्लान, भूमि सुधार और बैंकों का राष्ट्रीयकरण जैसे उपाय सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कांग्रेस सरकारों के तहत लागू किए गए थे। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, डॉ. वंशी चंदर रेड्डी, अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के नेता विश्वनाथन, सावंत, सचिन राव और अन्य पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए।







