देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरी बाजार विकास खंड स्थित एक विद्यालय में तैनात शिक्षक द्वारा गोरखपुर में आत्महत्या किए जाने के मामले में कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। शिक्षक ने आत्महत्या से पूर्व जारी सुसाइड नोट और वीडियो में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने रविवार को यहां जारी वक्तव्य में कहा कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार शिष्टाचार बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार सामने आ रहे मामलों से स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार चरम पर है। संबंधित शिक्षक को उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद वेतन नहीं मिला, जो अत्यंत गंभीर और हृदयविदारक घटना है। श्री सिंह ने कहा कि देवरिया जिले के शिक्षक कृष्णमोहन सिंह द्वारा आत्महत्या से पहले जारी सुसाइड नोट और वीडियो में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों पर लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर हैं। यदि विभागीय भ्रष्टाचार और उत्पीड़न किसी शिक्षक को आत्महत्या जैसा कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है तो यह पूरे तंत्र पर प्रश्नचिह्न है। उन्होंने मांग की कि मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।
साथ ही मृतक शिक्षक के परिजनों को स्थायी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि कुशीनगर निवासी कृष्णमोहन सिंह गोरखपुर में रह रहे थे तथा देवरिया जिले के गौरी बाजार ब्लॉक स्थित कृषि लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज नहर रोड स्थित आवास पर आत्महत्या से पूर्व चार पृष्ठ का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो बनाया, जिसमें देवरिया के शिक्षा विभाग के एक लिपिक पर प्रताड़ना और 16 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है।







