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अमित शाह पर महुआ मोइत्रा के बयान से विवाद, बी विजयेंद्र ने कहा- ‘नफरत फैलाने वाला भाषण’

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Controversy over Mahua Moitra's statement on Amit Shah, B Vijayendra called it 'hate speech'

बंगलूरू: टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी विजयेंद्र ने इस टिप्पणी को निम्नतम स्तर का घृणास्पद भाषण और नफरत फैलाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों के लिए लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। इंडिया ब्लॉक के सदस्यों द्वारा प्रयुक्त भाषा अब निचले स्तर पर पहुंच गई है। विजयेंद्र ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा का गृह मंत्री अमित शाह जी को लेकर दिया गया घिनौना बयान निम्नतम स्तर का घृणास्पद भाषण और हिंसा को भड़काने वाला खतरनाक कदम है।

जब निर्वाचित प्रतिनिधि ऐसी विषैली भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो यह घृणा और असहिष्णुता पर आधारित मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन ने गाली-गलौज, धमकियों और घटिया राजनीति को सामान्य बना दिया है, और नागरिक संवाद के हर मानदंड को नष्ट कर दिया है। भारत की जनता गाली-गलौज की इस राजनीति को समझेगी और इस खतरनाक मानसिकता का कड़ा विरोध करेगी। मोइत्रा ने शाह के खिलाफ अपनी टिप्पणी से राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। उन्होंने शाह पर बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया था।

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साथ ही विवादित बयान दिया था। भाजपा ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उनकी अरुचिकर और घृणास्पद टिप्पणियों की आलोचना की और पूछा कि क्या यह तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक रुख है? गुरुवार को मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार सीमा सुरक्षा पर अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है। उनकी टिप्पणी से हंगामा मच गया और भाजपा ने कृष्णानगर के कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हम बहुत लोकतांत्रिक लोग हैं। हम बहुत सम्मान से बात करते हैं।

लेकिन विपक्ष के कुछ लोगों, राहुल गांधी और कुछ सांसदों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा अब अपमानजनक हो गई है। यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां को अपशब्द कहना भविष्य के लिए भी ठीक नहीं है। भाजपा-एनडीए ऐसी भाषा का इस्तेमाल कभी नहीं करता। हम संविधान और लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। हम लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ते हैं। वे चुनाव नहीं जीत सकते, लेकिन चुनाव आयोग को गाली देने से क्या फायदा होगा? लोग उन्हें वोट नहीं देते। राहुल गांधी का गुस्सा देश के लोगों के लिए है। यह सही नहीं है। 








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