तमिलनाडु: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य में लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अहम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार से तमिलनाडु के लिए स्वीकृत रेल प्रोजेक्ट्स के फंड को तुरंत जारी करने की मांग की है। सीएम स्टालिन ने कहा कि धन की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं धीमी गति से चल रही हैं, जिससे राज्य के विकास और आम जनता को मिलने वाले लाभ में देरी हो रही है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि तमिलनाडु देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है, इसके बावजूद राज्य की कई रेल परियोजनाएं लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे नेटवर्क का विस्तार न केवल यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाएगा, बल्कि उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। स्टालिन के अनुसार, राज्य में प्रस्तावित और स्वीकृत कई रेल लाइनें, दोहरीकरण और विद्युतीकरण परियोजनाएं फंड के अभाव में अटकी हुई हैं।
सीएम स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि तमिलनाडु को रेल बजट आवंटन में अपेक्षाकृत कम प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि राज्य के साथ समान व्यवहार किया जाए और विकास कार्यों में किसी भी तरह का भेदभाव न हो। पत्र में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पर फंड जारी होने से परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी होंगी और यात्रियों को सुरक्षित व आधुनिक रेल सुविधाएं मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को यह भी याद दिलाया कि तमिलनाडु में शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में यात्री और माल परिवहन की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में मजबूत रेल इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री इस मांग पर गंभीरता से विचार करेंगे और राज्य के हित में जल्द सकारात्मक फैसला लेंगे।
इस पत्र के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक बार फिर फंड आवंटन को लेकर सियासी बहस तेज होने की संभावना है। अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के जवाब पर टिकी हैं।







