बेंगलुरु। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत के सेमीकंडक्टर संयंत्र से वाणिज्यिक उत्पादन अगले कुछ हफ्तों में शुरू हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में दूरदर्शी नेतृत्व की कमी के कारण भारत इस क्षेत्र में चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से काफी पीछे रह गया। श्री वैष्णव ने यूनीवार्ता के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, “सेमीकंडक्टर प्लांट से वाणिज्यिक उत्पादन बहुत जल्द शुरू होगा। बहुत जल्द का मतलब है कुछ ही हफ्तों में।” उन्होंने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र में काफी देर से प्रवेश किया, जिसका लाभ अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को मिला।
“अगर आप चीन और कोरिया को देखें तो वे हमसे बहुत आगे हैं।” यह पूछे जाने पर कि क्या देरी में राजनीति की भूमिका रही, मंत्री ने कहा कि कई दशकों तक निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व का अभाव रहा। उन्होंने कहा, “ऐसा करने के लिए एक विज़नरी प्रधानमंत्री की आवश्यकता होती है। 2014 में हमें एक दूरदर्शी प्रधानमंत्री मिले और उसके बाद कई बड़े निर्णय हुए।” पूर्व कांग्रेस-नेतृत्व वाली सरकारों पर निशाना साधते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद बुनियादी फैसले नहीं लिए गए। उन्होंने कहा, “अगर 1947 से ही कांग्रेस सरकारों ने इसी तरह की नींव रखी होती, तो आज देश की तस्वीर अलग होती।” उन्होंने यह भी दावा किया कि सेमीकंडक्टर उद्योग ने 1962 में ही भारत आने की इच्छा जताई थी, लेकिन उस समय अवसर गंवा दिए गए।
उन्होंने कहा, “सेमीकंडक्टर उद्योग 1962 में ही भारत आना चाहता था, लेकिन कई वर्षों तक सरकारों ने समय गंवाया और सही कदम नहीं उठाए।” केंद्रीय बजट पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की आलोचना करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि कुछ नेता अल्पकालिक सोच रखते हैं। उन्होंने टिप्पणी की “जो नेता एक साल से आगे नहीं सोच सकते, उन्हें बजट हमेशा कॉरपोरेशन बजट ही लगेगा।” उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक राष्ट्रीय विकास पर काम कर रही है। श्री वैष्णव ने कहा, “जब हम देश को एक नए स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, तब संकीर्ण दृष्टिकोण रखने वाले लोग केवल सीमित दायरे तक ही देख पाते हैं।”







