मुंबई: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। परियोजना के तहत एक महीने के भीतर दूसरी पर्वतीय सुरंग का सफल निर्माण पूरा किया गया है, जिसे भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। इस उपलब्धि की जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को दी। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना तेज़ी से आगे बढ़ रही है और इसकी प्रगति पर पूरा देश नजर बनाए हुए है।
रेल मंत्री ने बताया कि पालघर जिले में तैयार की गई यह दूसरी पर्वतीय सुरंग आधुनिक इंजीनियरिंग और उन्नत तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है। यह सुरंग 454 मीटर लंबी और 14.4 मीटर चौड़ी है, जिसमें अप और डाउन दोनों ट्रैक बिछाए जाएंगे। इससे बुलेट ट्रेन के सुरक्षित और सुगम संचालन में मदद मिलेगी। इससे पहले, जनवरी की शुरुआत में सफाले के पास पहली सुरंग का निर्माण पूरा किया गया था, और अब एक महीने के भीतर दूसरी सुरंग का तैयार होना परियोजना की रफ्तार को दर्शाता है।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, इस सुरंग का निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) के जरिए किया गया है, जिसमें ड्रिल और नियंत्रित ब्लास्ट तकनीक का इस्तेमाल हुआ। सुरंग को पहाड़ के दोनों सिरों से खोदा गया और बीच में सफलतापूर्वक मिलान किया गया, जो किसी भी टनल परियोजना में एक बड़ी तकनीकी उपलब्धि मानी जाती है। उम्मीद है कि पूरी खुदाई का कार्य तय समय से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
अश्विनी वैष्णव ने केंद्रीय बजट में घोषित रेलवे विकास योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि मुंबई उपनगरीय नेटवर्क के विस्तार के लिए 16,000 करोड़ रुपये के कार्य प्रगति पर हैं। महाराष्ट्र के लिए रेलवे बजट करीब 23,926 करोड़ रुपये का है।
बुलेट ट्रेन परियोजना को भारत के आधुनिक परिवहन ढांचे में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। इसके पूरा होने से न केवल मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि देश में हाई-स्पीड रेल तकनीक को भी नई पहचान मिलेगी।







