
नयी दिल्ली: भारत राष्ट्र समिति (BRS) के प्रमुख और के. चंद्रशेखर राव आज 17 फरवरी को अपना 72वां जन्मदिन मना रहे हैं। तेलंगाना की राजनीति में ‘केसीआर’ के नाम से मशहूर राव ने एक साधारण छात्र नेता से लेकर तेलंगाना के पहले मुख्यमंत्री बनने तक का लंबा और संघर्षपूर्ण सफर तय किया है। उनका जन्म 17 फरवरी 1954 को चंतामदका गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पूरी की, जहां से उन्होंने साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान में गहरी रुचि विकसित की।
केसीआर ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की। शुरुआती दौर में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की युवा इकाई से जुड़कर सक्रिय भूमिका निभाई। उस समय वे संजय गांधी के विचारों से प्रभावित थे। बाद में उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई और तेलुगु देशम पार्टी में शामिल होकर विधायक, मंत्री और विधानसभा उपसभापति जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले।
राजनीतिक सफर में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने 2001 में तेलंगाना राष्ट्र समिति की स्थापना की। इस पार्टी का मुख्य उद्देश्य अलग तेलंगाना राज्य का निर्माण था। केसीआर ने इस मांग को लेकर कई आंदोलन और आमरण अनशन किए, जिससे केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा। अंततः वर्षों के संघर्ष के बाद 2 जून 2014 को तेलंगाना एक अलग राज्य बना और केसीआर इसके पहले मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 2018 में दूसरी बार भी मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
बाद में उन्होंने अपनी पार्टी का विस्तार करते हुए इसका नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति कर दिया, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी महत्वाकांक्षा स्पष्ट हुई। आज केसीआर को तेलंगाना के विकास, क्षेत्रीय पहचान और मजबूत नेतृत्व के लिए जाना जाता है। उनका राजनीतिक जीवन संघर्ष, रणनीति और जनसमर्थन का प्रतीक माना जाता है।






