कर्नाटक: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक के दौरान कहा कि आज दुनिया भारत को बेंगलुरु के नजरिए से देखती है। पीटीआई से बातचीत में उन्होंने बताया कि दावोस में उन्हें सीखने के लिए बहुत कुछ मिला और इस दौरान वे दुनिया भर के कई प्रभावशाली नेताओं से मिले। शिवकुमार के अनुसार, वैश्विक नेताओं की बातचीत से यह साफ झलकता है कि भारत की पहचान अंतरराष्ट्रीय मंच पर काफी हद तक बेंगलुरु के जरिए बन रही है।
उन्होंने कहा कि वे इन बैठकों में कर्नाटक के महत्व को रेखांकित कर रहे हैं और यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि कर्नाटक उद्योगों और निवेश के लिए एक बेहतरीन राज्य है। दावोस में पहली बार आए शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक उद्योग जगत के सभी वर्गों के लिए अपार अवसर प्रदान करता है। खास तौर पर प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे क्षेत्रों में राज्य की संभावनाएं काफी मजबूत हैं।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि वैश्विक निवेशक केवल बेंगलुरु ही नहीं, बल्कि पूरे कर्नाटक में बुनियादी ढांचे के विकास पर सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि दो-स्तरीय और तीन-स्तरीय शहरों में हो रहे विकास कार्यों में भी निवेशकों की गहरी दिलचस्पी है, जिससे राज्य के संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि शहर में मेट्रो, फ्लाईओवर, एलिवेटेड कॉरिडोर, सुरंगों और अन्य परियोजनाओं पर भारी निवेश किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वैश्विक स्तर पर बेंगलुरु को एक सुरक्षित शहर के रूप में देखा जाता है, जहां प्रदूषण कम है और मौसम व संस्कृति आकर्षक हैं। शिवकुमार ने बताया कि दावोस में उनकी अमेरिका, यूरोप और सऊदी अरब सहित कई देशों के नेताओं से भी मुलाकातें हो रही हैं, जिससे कर्नाटक के लिए नए निवेश और साझेदारी के रास्ते खुलने की उम्मीद है।







