पश्चिम बंगाल: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उत्तर 24 परगना में आयोजित भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि जिस “मां, माटी, मानुष” के नारे के सहारे ममता बनर्जी सत्ता में आई थीं, आज वही नारा पूरी तरह अर्थहीन हो चुका है, क्योंकि राज्य में तीनों ही असुरक्षित हैं।
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की कोई ठोस गारंटी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोग टीएमसी के गुटों से परेशान हैं और राज्य की “माटी” घुसपैठियों के चंगुल में फंस चुकी है। शाह ने दावा किया कि अवैध घुसपैठ और उससे जुड़ी जबरन वसूली न केवल राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और चुनावी निष्पक्षता को भी प्रभावित कर रही है।
अपने भाषण में रामायण का उदाहरण देते हुए अमित शाह ने ममता बनर्जी की तुलना रावण से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह रावण स्वयं को अजेय मान बैठा था, उसी तरह ममता बनर्जी को भी हार के लिए तैयार रहना चाहिए। शाह ने भरोसा जताया कि आगामी चुनावों में भाजपा का वोट शेयर 50 प्रतिशत से अधिक होगा और पार्टी पश्चिम बंगाल में भारी बहुमत से सरकार बनाएगी।
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देशभर में इस ऐतिहासिक अवसर को मना रही है, लेकिन ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के चलते इसका विरोध कर रही हैं। शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी प्रधानमंत्री मोदी का नहीं, बल्कि बंगाल की पहचान और भारत के गौरव का विरोध कर रही हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बंगाल के हर नागरिक तक यह संदेश पहुंचाएं कि भाजपा राज्य को कुशासन, तुष्टीकरण और असुरक्षा से मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।







