नयी दिल्ली: भारत में हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आसमान में उड़ रहे भारतीय विमानों के एक बड़े हिस्से में तकनीकी खराबियों की शिकायत सामने आई है। चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग आधे विमानों में किसी न किसी तरह की तकनीकी खामी दर्ज की गई है, जिसमें राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई जा रही है।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और अन्य संबंधित एजेंसियों को बीते कुछ समय में विमानों की तकनीकी समस्याओं से जुड़ी कई रिपोर्ट्स मिली हैं। इनमें इंजन से जुड़ी गड़बड़ियां, केबिन सिस्टम में खराबी, नेविगेशन उपकरणों में तकनीकी दिक्कतें और उड़ान से पहले या दौरान आने वाली चेतावनियां शामिल हैं। हालांकि अधिकतर मामलों में समय रहते विमानों को ग्राउंड कर दिया गया या वैकल्पिक व्यवस्था की गई, लेकिन बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।
एयर इंडिया को लेकर खास तौर पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि उसके बेड़े में शामिल कई विमान पुराने हैं और रखरखाव को लेकर पहले भी आलोचनाएं होती रही हैं। हाल के महीनों में एयर इंडिया की उड़ानों में तकनीकी कारणों से देरी, रद्दीकरण और आपात लैंडिंग जैसी घटनाएं दर्ज की गई हैं। हालांकि कंपनी का कहना है कि यात्री सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर तकनीकी समस्या को मानक प्रक्रियाओं के तहत ही संभाला जाता है।
विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती उड़ानों का दबाव, विमानों की उम्र और रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही ऐसे जोखिमों को बढ़ा सकती है। उन्होंने DGCA से सख्त निगरानी और नियमित ऑडिट की मांग की है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
सरकार और विमानन नियामकों ने भी भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और जिन विमानों में गंभीर तकनीकी खामियां पाई जाती हैं, उन्हें उड़ान की अनुमति नहीं दी जाती। इसके बावजूद, लगातार आ रही तकनीकी खराबियों की खबरों ने हवाई सफर करने वाले यात्रियों को सतर्क कर दिया है और एयरलाइन कंपनियों पर पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ाने का दबाव बना दिया है।







