
नयी दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बैठक से पहले भारतीय जनता पार्टी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने देश की विदेश नीति को “गिरवी” रख दिया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान वैश्विक हालात, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार की भूमिका स्पष्ट नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश और विदेश में रह रहे भारतीय नागरिकों की चिंताओं का जवाब देना चाहिए। यादव ने बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी उठाया और कहा कि इसका असर विदेशों में रह रहे भारतीयों पर भी पड़ रहा है। उनके मुताबिक मध्य पूर्व में फंसे कई भारतीय नागरिक मौजूदा संकट और बढ़ती कीमतों के कारण अपने त्योहार भी ठीक से नहीं मना पा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के नेताओं की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि संसद के भीतर विपक्ष सरकार से विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर जवाबदेही तय करने की कोशिश करेगा। साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर भी बैठक में विचार किया जाएगा।
वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने भी केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परंपरा के अनुसार जब सरकार किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर संसद में बयान देती है, तो विपक्ष को स्पष्टीकरण मांगने का अधिकार होता है। लेकिन मौजूदा सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बचती नजर आती है।
राम गोपाल यादव ने यह भी कहा कि विदेश मंत्री का बयान अपनी जगह है, लेकिन इससे विपक्ष की सभी चिंताओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद में गंभीर मुद्दों पर खुली और विस्तृत चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश के सामने स्पष्ट तस्वीर रखी जा सके।






