मुंबई: नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के वरिष्ठ अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम ने बुधवार को पुणे जिले के बारामती के पास उस घटनास्थल का दौरा किया, जहां पिछले महीने लियरजेट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों के अनुसार, टीम ने मौके का विस्तृत निरीक्षण किया और 28 जनवरी को हुई दुर्घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज तथा स्थानीय वीडियो रिकॉर्डिंग की गहन समीक्षा की।
हादसे में अजित पवार के अलावा कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की जान चली गई थी। दुर्घटना बारामती हवाई अड्डे के समीप हुई थी, जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई थी।
नागर विमानन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने पहले ही आश्वासन दिया था कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और DGCA की टीमें पहले ही घटनास्थल का निरीक्षण कर चुकी हैं और विमान का ‘ब्लैक बॉक्स’ बरामद कर लिया गया है। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर से हादसे के अंतिम क्षणों की तकनीकी जानकारी मिलने की उम्मीद है।
जांच बहु-स्तरीय स्तर पर जारी है। जहां विमानन विशेषज्ञ तकनीकी पहलुओं—जैसे इंजन फेलियर, मौसम की स्थिति और संभावित संरचनात्मक क्षति—की जांच कर रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (CID) ने भी 30 जनवरी से आपराधिक और सुरक्षा कोणों से जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी का परिणाम थी या किसी मानवीय त्रुटि की वजह से हुई। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी संभावित कारणों की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं।







