चेन्नई। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तोहफों की बारिश हो रही है। इस सिलसिले में अन्नाद्रमुक ने अपने घोषणापत्र में कई मुफ्त तोहफों की झड़ी लगा दी है। पार्टी ने महंगाई से निपटने के लिए हर परिवार को हर महीने 10,000 रुपये देने, मछुआरों को बतौर मदद 8,000 रुपये से बढ़ाकर 1,2000 रुपये करने, पोंगल पैकेज के तहत सभी राशनकार्ड धारकों को 1,000 रुपये देने जैसे वादे किये हैं। अन्नाद्रमुक ने अपनी नेता जे जयललिता की 78वीं जयंती के मौके पर पार्टी कार्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद चुनावी वादों का तीसरा भाग जारी किया। पार्टी के महासचिव और विपक्ष के नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने ऐलान किया कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेतृत्व वाली अन्नाद्रमुक सत्ता में आती है तो और भी चीजें मुफ्त दी जाएंगी। अन्य वादों में बेरोजगार स्नातकों को हर महीने 2,000 रुपये और बारहवीं तक पढ़े और रोजगार कार्यालय में पंजीकृत लोगों को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त हथकरघा बुनकरों को मुफ्त बिजली 300 यूनिट से बढ़ाकर 450 यूनिट और पावरलूम बुनकरों को 1,000 यूनिट से बढ़ाकर 1,400 यूनिट और शहरों में फुटपाथ पर दुकानें लगाने वालों का कर्ज माफ करना शामिल है। अपने चुनावी घोषणापत्र के पहले के दो हिस्सों में अन्नाद्रमुक, सत्तारूढ़ द्रमुक के गठबंधन के हिसाब-किताब और चुनाव से पहले जिलों में विकास कार्यक्रम और कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ाने के उसके वादे का मुकाबला करने के लिए बेताब थी।
उसने चुनावी वादों की झड़ी लगा दी, जिसमें शिक्षा ऋण की पूरी छूट के अलावा दूसरी चीजें भी शामिल थीं। चुनाव घोषणापत्र के दूसरे भाग में श्री पलानीस्वामी ने कहा था, “अगर अन्नाद्रमुक सत्ता में आई तो वह बैंकों से लिए गए शिक्षा ऋण को माफ कर देगी और सरकार इसका बोझ उठाएगी।” उन्होंने कहा कि यह परिवारों को बढ़ते आर्थिक दबाव से बचाने और राहत देने के लिए था, “शिक्षा को हमारे युवाओं को कर्ज में गुलाम नहीं बनाना चाहिए बल्कि उन्हें मजबूत बनाना चाहिए। हमारे छात्रों को मौके मिलने चाहिए, न कि जिंदगीभर आर्थिक चिंता।” चुनाव घोषणापत्र के दूसरे भाग में श्री पलानीस्वामी ने कहा था, “अगर अन्नाद्रमुक सत्ता में आई तो वह बैंकों से लिये गये शिक्षा ऋण को माफ कर देगी और सरकार इसका बोझ उठाएगी।” श्री पलानीस्वामी ने इसे सही ठहराते हुए कहा, “तमिलनाडु में किसी भी बुज़ुर्ग को जिंदा रहने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। किसी भी विधवा या दिव्यांग व्यक्ति को बेइज्जती में जीने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। हम असली आर्थिक मदद के जरिए सम्मान वापस लाएंगे।
सीधे रोजी-रोटी के समर्थन के तौर पर पार्टी ने घोषणा की कि राशन कार्डधारक को हर साल तीन एलपीजी सिलेंडर मुफ्त दिए जाएंगे। बढ़ती कीमतों ने घर के बजट को बिगाड़ दिया है। हम यह पक्का करेंगे कि कुकिंग गैस जैसी जरूरी जरूरतें लग्जरी न बनें।” राजग ने चुनाव अभियान शुरू करने के पहले ही बढ़त ले ली थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चेन्नई के पास मदुरंतकम में एक बड़ी चुनावी बैठक की थी और अगले महीने के पहले सप्ताह में मदुरै, वेल्लोर, त्रिची और तंजावुर में भी ऐसी ही रैलियां करेंगे। द्रमुक ने भी अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे की बातचीत शुरू करने में बढ़त ले ली थी क्योंकि कांग्रेस नेताओं के एक समूह द्वारा सात सदस्यों वाला सीट बंटवारा पैनल बनाने के बाद सत्ता में हिस्सेदारी की मांग के बाद आई कुछ दिक्कतों को दूर कर लिया गया था।







