नयी दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में गुरुवार शाम छात्र संघ द्वारा आयोजित ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान हालात अचानक हिंसक हो गए, जिसके बाद कैंपस और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बन गया। इस घटना में दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए वर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष अदिति मिश्रा और पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार समेत कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में वसंत कुंज नॉर्थ थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, छात्र संघ ने विश्वविद्यालय परिसर से शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने का आह्वान किया था। हालांकि, प्रशासन ने छात्रों को कैंपस के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और विरोध को परिसर के भीतर ही सीमित रखने की सलाह दी थी। इसके बावजूद करीब 400 से 500 छात्र एकत्र हुए और मुख्य द्वार से बाहर निकलने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
झड़प के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हाथापाई हुई, जिसमें कई पुलिस अधिकारी और छात्र घायल हो गए। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने लाठियां, जूते और अन्य वस्तुएं फेंकी, जिससे एसीपी वेद प्रकाश, एसीपी संघमित्रा समेत करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं, छात्रों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए अत्यधिक बल का इस्तेमाल किया।
घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इस घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा और छात्र आंदोलनों को लेकर बहस को तेज कर दिया है।







