
नयी दिल्ली: इज़राइल और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष का असर अब वैश्विक हवाई यातायात पर साफ दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया के कई देशों द्वारा सुरक्षा कारणों से अपना एयरस्पेस बंद किए जाने के बाद भारत की प्रमुख एयरलाइंस ने बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द, स्थगित या डायवर्ट कर दी हैं। इस स्थिति के कारण हजारों भारतीय यात्री अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं और उनकी यात्रा योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
Air India ने 2 मार्च को लगातार दूसरे दिन यूएई, सऊदी अरब, कतर और इज़राइल के लिए अपनी उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है। इसके अलावा यूरोप जाने वाली कई महत्वपूर्ण उड़ानें भी रद्द की गई हैं। एयरलाइन ने बताया कि उत्तरी अमेरिका और यूरोप के लिए कुछ उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है, जिससे यात्रा समय बढ़ सकता है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को रिफंड और रीशेड्यूलिंग की सुविधा दी है।
इसी तरह IndiGo ने भी ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर यात्रियों को सतर्क रहने और फ्लाइट स्टेटस की नियमित जांच करने की सलाह दी है। एयरलाइन ने कहा कि प्रभावित यात्रियों को सीधे सूचना दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक यात्रा या रिफंड का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
Akasa Air ने अबू धाबी, दोहा, कुवैत और रियाद के लिए उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। वहीं SpiceJet और Air India Express ने भी खाड़ी देशों के लिए कई उड़ानों पर रोक लगा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव जारी रहा तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर लंबे समय तक बना रह सकता है। भारत सरकार और एयरलाइंस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और यात्रियों की सुरक्षा तथा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।






