नई दिल्ली : नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला AI Impact Summit 2026 भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गया है, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष नेता, नीति निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। यह पहली बार है जब ग्लोबल साउथ में इतने बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केंद्रित वैश्विक शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस समिट का आयोजन भारत मंडपम में किया जा रहा है, जहां एआई के भविष्य, इसके नैतिक उपयोग और वैश्विक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 20 से अधिक विश्व नेता और 45 से ज्यादा देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं। इसमें एंटोनियो गुटेरेस समेत संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायका और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलिन जैसे प्रमुख वैश्विक नेता भी इसमें भाग ले रहे हैं।
इस समिट का मुख्य उद्देश्य जिम्मेदार, समावेशी और मानव-केंद्रित एआई के विकास को बढ़ावा देना है। सम्मेलन में एआई के उपयोग से आर्थिक विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल समावेशन और सामाजिक कल्याण को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही, डेटा सुरक्षा, एआई के नैतिक मानकों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए साझा रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा होगी।
सम्मेलन के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है। यह समिट भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और वैश्विक मंच पर उसकी मजबूत भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है।







