नयी दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच कतर में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय दूतावास और कतर एयरवेज के संयुक्त प्रयासों से करीब 1,000 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया है। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब क्षेत्र में अस्थिरता के कारण कई लोगों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो रही थीं और बड़ी संख्या में लोग विदेश में फंसे हुए थे।
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि 10 मार्च को कतर एयरवेज की कई उड़ानों के जरिए लगभग 1,000 भारतीय यात्रियों को नई दिल्ली, मुंबई और कोच्चि पहुंचाया गया। दूतावास ने इस मानवीय पहल में सहयोग के लिए कतर एयरवेज का आभार भी जताया है। दूतावास के अनुसार, आपातकालीन परिस्थितियों और मानवीय आधार पर मामलों को प्राथमिकता दी गई, ताकि जरूरतमंद लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित उनके देश पहुंचाया जा सके।
इसके अलावा भारतीय दूतावास ने यह भी बताया कि कतर में फंसे अन्य भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कतर एयरवेज की एक और विशेष उड़ान बुधवार को नई दिल्ली के लिए निर्धारित की गई है, जिससे और यात्रियों को सुरक्षित वापस लाया जा सकेगा।
दूतावास ने यह भी जानकारी दी कि सलवा सीमा के रास्ते सऊदी अरब जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए 96 घंटे की वैधता वाला अस्थायी पारगमन वीजा उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी यात्रा को आसान बनाया जा सके। इसी क्रम में कतर में फंसी भारतीय बास्केटबॉल टीम भी सऊदी अरब के रास्ते सुरक्षित भारत लौट चुकी है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार और विदेश मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि संकट की स्थिति में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए आगे भी ऐसे कदम उठाए जाते रहेंगे।







