Major action after Muzaffarpur fire, hospital license cancelled

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित निजी प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड में 6 मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन ने अस्पताल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले में कड़ा स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। मुजफ्फरपुर शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों में शामिल प्रसाद हॉस्पिटल पर जिला प्रशासन और जिला स्वास्थ्य विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। छह मरीजों की दर्दनाक मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी सामने आई है। सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, अस्पताल में हुए भयावह अग्निकांड और प्रबंधन की कथित लापरवाही को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ अस्पताल के मालिक और प्रबंधन से इस पूरे मामले में विस्तृत जवाब भी मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो आगे कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू वार्ड में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी।

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देखते ही देखते आग और जहरीले धुएं ने पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। उस समय आईसीयू में वेंटिलेटर और बेड पर कई गंभीर मरीज भर्ती थे। आग इतनी तेजी से फैली कि मरीजों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। इस दर्दनाक हादसे में छह मरीजों की दम घुटने और झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं कई अन्य मरीज गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तत्काल दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घायलों का इलाज फिलहाल विभिन्न अस्पतालों में जारी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं तथा हादसे के कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।