नयी दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। कीमती धातुओं में तेजी का यह सिलसिला फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। न्यूयॉर्क कमोडिटी एक्सचेंज (कॉमेक्स) में शुक्रवार को चांदी ने इतिहास रचते हुए पहली बार 100 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया। साल 2026 में अब तक चांदी की कीमतों में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है, जो निवेशकों के बढ़ते रुझान को दर्शाती है।
घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर भी चांदी में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुक्रवार को चांदी की कीमत 3,39,927 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची, हालांकि कारोबार के अंत में यह 3,34,600 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। दिनभर के कारोबार में चांदी में 12,600 रुपये से ज्यादा की गिरावट भी दर्ज की गई, जिससे बाजार में अस्थिरता साफ दिखी।
सोने की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस के बेहद करीब पहुंच गई। एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना कारोबार के दौरान 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर तक गया, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के दबाव में यह 1,55,963 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। दिन के दौरान सोने में करीब 3,000 रुपये की गिरावट भी देखी गई।
वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1,500 रुपये की तेजी के साथ 1,58,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, वैश्विक बाजारों में मजबूती और स्टॉकिस्टों की ताजा खरीदारी से कीमतों को सहारा मिला है। चांदी भी दिल्ली में 9,500 रुपये उछलकर 3,29,500 रुपये प्रति किलो हो गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अप्रत्याशित नीतिगत फैसलों ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है। इसी वजह से सोना और चांदी एक बार फिर सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत होते नजर आ रहे हैं।







